राजस्थान की सभी नदियों (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी एवं आंतरिक अपवाह तंत्र) का उद्गम स्थल, सहायक नदियां, त्रिवेणी संगम, प्रमुख बांध, जलप्रपात, तटीय सभ्यताएं व प्रतियोगी परीक्षाओं के वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी।
समुद्र तक न पहुंचकर स्थल में ही विलुप्त होने वाली नदियां। गणेश्वर व जोधपुरा सभ्यताएं।
यमुना व गंगा के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में जल ले जाने वाली नदियाँ। बीसलपुर व राणा प्रताप सागर बांध।
कच्छ के रण व खंभात की खाड़ी में जल ले जाने वाली नदियाँ। बेणेश्वर धाम आदिवासियों का कुंभ।
लूनी (आधी मीठी आधी खारी), माही (कर्क रेखा को दो बार काटने वाली), सोम, जाखम, पश्चिमी बनास व साबरमती नदियों का उद्गम, सहायक नदियां, प्रमुख बांध व बेणेश्वर त्रिवेणी संगम।
उद्गम: नाग पहाड़ी (अजमेर) से सागरमती के रूप में। कुल लंबाई: 495 किमी (राजस्थान में 330 किमी)। बालोतरा तक जल मीठा और आगे लवणीय (खारा) हो जाता है। सहायक नदियां: जोजरी (दाहिनी ओर से एकमात्र, नागौर से उद्गम), लीलड़ी, बांडी, सूकड़ी, जवाई (जवाई बांध = मारवाड़ का अमृत सरोवर), गुहिया, सागी।
उद्गम: अमझोरा (धार, मप्र)। राजस्थान प्रवेश: खांदू गाँव (बांसवाड़ा)। स्वरूप: उल्टे "U" आकार में। कर्क रेखा (23.5° N) को दो बार काटने वाली विश्व की एकमात्र नदी। बेणेश्वर संगम (नवाटापरा, डूंगरपुर): माही, सोम व जाखम का त्रिवेणी संगम (आदिवासियों का कुंभ)। माही बजाज सागर बांध (बोरखेड़ा, बांसवाड़ा - 3109 मीटर लंबा सबसे लंबा बांध)।
Drainage System of Rajasthan (Arabian Sea, Bay of Bengal & Inland Rivers Complete Guide)
Q. कर्क रेखा (23.5° उत्तरी अक्षांश) को दो बार काटने वाली विश्व की एकमात्र नदी कौन सी है?
व्याख्या: माही नदी मप्र से निकलकर बांसवाड़ा में प्रवेश करती है और उल्टा U बनाकर गुजरात जाती है, जिससे यह कर्क रेखा को दो बार काटती है।
Q. पूर्णतः राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी (512 किमी) कौन सी है?
व्याख्या: बनास नदी (512 किमी) खमनौर की पहाड़ियों से निकलकर पूर्णतः राजस्थान में बहते हुए रामेश्वरम में चंबल में मिलती है।
Q. जैसलमेर की बुझ झील में गिरने वाली राजस्थान की सबसे छोटी (17 किमी लंबाई) आंतरिक प्रवाह की नदी कौन सी है?
व्याख्या: काकनेय (मसूरदी) नदी जैसलमेर के कोठारी गाँव से निकलती है और बुझ झील में गिरती है, जिसकी लंबाई मात्र 17 किमी है।